This is default featured slide 1 title

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation test link ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat

This is default featured slide 2 title

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation test link ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat

This is default featured slide 3 title

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation test link ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat

This is default featured slide 4 title

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation test link ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat

This is default featured slide 5 title

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation test link ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat

Sunday, March 27, 2011

राहुल नौसिखिये प्रियंका काबिल: गांधी-नेहरू परिवार की राय

नई दिल्ली
एजेंसी
विकीलीक्स की खुलासों की सनसनी जारी है, जिसकी अगली कड़ी में राहुल गांधी के संबंध में नेहरू परिवार की भीतरी राय जाहिर हुई है। अमेरिकी दूतावास द्वारा 23 अप्रैल 2007 को भेजे गए एक केबल के मुताबिक परिवार के भीतरी लोगों की राय में राहुल गांधी राजनीति में नौसिखिए है और वे प्रधानमंत्री बनने के योग्य नहीं है। 

बिहार में विकास व युवाओं की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस: राहुल गांधी

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कटिहार के कोढ़ा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सिद्धांतों की लड़ाई लड़ रही है, जबकि अन्य दल राजनीतिक लाभ के लिए एक दूसरे के साथ समझौते कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अकेले ही लड़ रहे हैं और हम जाति धर्म की बात नहीं करते, बल्कि हम युवाओं एवं विकास की बात करते हैं।

Monday, March 21, 2011

अमेरिकी राजदूत ने राहुल को ‘असरहीन’ और ऐसा राजनेता करार दिया जो भविष्य में कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकता

नई दिल्ली, एजेंसी
अमेरिका की भारत के मौजूदा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी में दिलचस्पी और राहुल गांधी की योग्यता और प्रश्नचिन्ह से जुड़े गोपनीय संदेश भी सामने आए हैं जो इन्हें भारत के भावी प्रधानमंत्री के तौर पर देखता है। 21 जून 2005 के एक केबल के मुताबिक मुखर्जी (उस वक्त रक्षा मंत्री) उप प्रधानमंत्री की भूमिका निभा रहे हैं और उनकी नजर  पीएम की कुर्सी पर है। अमेरिका के तत्कालीन राजदूत डेविस मलफोर्ड की ओर से लिखे गए इस संदेश में प्रणब मुखर्जी को असरदार नेता बताया गया तो एक अन्य केबल में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की आलोचना की गई। तीन मार्च 2005 को लिखे एक संदेश में मलफोर्ड ने राहुल को ‘असरहीन’ और ऐसा राजनेता करार दिया जो भविष्य में कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकता।

Tuesday, March 15, 2011

राहुल गांधी के मिशन 2012 को भी कामयाब बनाने, धरती को अग्रणी भूमिका अदा करनी होगी

देश व प्रदेश में जब भी सामाजिक व राजनीतिक परिवर्तन के लिए आवाज उठी, बागी धरती ने उसमें अहम भूमिका निभायी। राहुल गांधी के मिशन 2012 को भी कामयाब बनाने में इस धरती को अग्रणी भूमिका अदा करनी होगी। यह बातें पूर्व मंत्री दल सिंगार यादव ने कही। 

Thursday, March 10, 2011

कांग्रेसी प्रोटोकॉल से परे है युवराज

नई दिल्ली
राहुल डबास
कभी बिग बी के लिये कहा जाता था, कि वो जहा ख़ड़े हो जाते है , लाइन वहीं से शुरु होती है। लेकिन अब यह कहावत कम से कम कांग्रेस में तो युवराज राहुल के लिये सटीक साबित होती नज़र आती हैं। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की पार्टी में बड़ी भूमिका को लेकर वैसे तो पार्टी में कोई सवाल नहीं हो सकता है,लेकिन अब वे पार्टी के कागज-पत्र में भी आम से खास भूमिका में आ गए हैं। कांग्रेस पदाधिकारियों की सूची अमूमन अल्फाबेट के हिसाब से ही तैयार होती रही है। मगर राहुल के लिए इसे इगनोर किया गया।

राहुल गाँधी बनाम पंडित नेहरु

(हिंदू कट्टरपंथियों पर अमरीकी राजदूत को दिए गए राहुल गाँधी के बयान पर)
लेखक: प्रेमचंद सहजवाला
जब देश आज़ाद हुआ, तब पंडित नेहरू के सामने देश की असंख्य समस्याओं के अतिरिक्त देश में आज़ादी पूर्व से ही चला आ रहा हिंदू-मुस्लिम तनाव भी एक समस्या था. जिन्ना पाकिस्तान के रूप में अपना हिस्सा ले कर अलग हो चुके थे, पर जिन्ना ने यह नहीं सोचा था कि उनके दस वर्ष के हिंदू-मुस्लिम बटवारे के घातक अभियान ने देश के कई मुसलामानों की आँखों में यह असंभव सपना भी सजा दिया था कि देश के मुसलमानों के लिये एक अलग देश बनेगा जहाँ वे एक अलग समुदाय बन कर स्वतंत्रता से रह सकेंगे. 

अमेरिका डॉ मनमोहन सिंह की तुलना में राहुल गांधी को नापसंद करता है

वीकएंड टाइम्स

 भारत और मिस्र की परिस्थितियों में आश्चर्यजनक समानताएं हैं। भ्रष्टाचार, मंहगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण गरीबी के लिहाज से सवा अरब के भारत और साढे छह करोड़ के मिस्र में कोई खास अंतर नहीं है।  फिर भी एक लाख लोग मिस्र की राजधानी कैरो के तहरीर स्क्वायर पर जमा होते हैं और मिस्र में क्रांति का आगाज हो जाता है।  ठीक उसी वक्त इधर भारत के एक छोटे से नगर इलाहाबाद में करीब एक करोड़ लोग क्रमश: आते हैं और गंगा स्नान करके बड़ी शांति से चले जाते हैं और व्यवस्था के नाम पर भी विरोध दर्ज नहीं कराते हैं।

Wednesday, March 9, 2011

इज्ज़त तो कोई राहुल गाँधी की भी है...!

 -जगमोहन फुटेला- 
जिस जिस वेबसाईट ने भी राहुल गाँधी के हाथों किसी सुकन्या की इज्ज़त लुटने की खबर छापी,वो सभी अब खासकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद आत्मचिंतन करें.खुद को कोसने नहीं,कोंचने की हद तक. दुष्यंत ने कहा था-जो बैठ रहेंगे तटस्थ,कभी समय लिखेगा उनका भी इतिहास...इस हवाले से एक प्रश्न मैं उन सभी पत्रकारों से भी पूछना चाहूंगा जिन्होंने ये पेशा किन्हीं आदर्शों और मानदंडों के साथ अपनाया और निभाया है.सवाल ये है कि राहुल गाँधी जैसी शख्सीयत से जुडी ये खबर क्या सरसरी तौर पर ही सनसनी फैलाने और घटिया टीआरपी पाने वाली नहीं थी?..

Tuesday, March 8, 2011

राहुल गांधी के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका पर 50 लाख का जुर्माना

लखनऊ
publicmirror.in
पूर्व विधायक किशोर समरीते पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 50 लाख का जुर्माना लगाया है। इस बाबत इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दाखिल करने वाले मध्य प्रदेश के सपा के पूर्व विधायक किशोर समरीते पर ऊक्त जुर्माना लगाया है। लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व डॉ सतीशचंद्र ने इस मामले की सुनवाई करते हुए किशोर समरीते व गजेन्द्रपाल सिंह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। 

Tuesday, February 22, 2011

राहुल गांधी से पूछा ‘‘अगर आप उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना चाहते हैं तो...

अमेठी
दैनिक भास्कर

कांग्रेस महासचिव को आजकल उत्तरप्रदेश के दौरे के दौरान कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने ऐसा प्रश् न पूछ लिया जिसका जवाब देने में कुछ देर के लिए वे कुछ देर के लिए दुविधा में पड़ गए। दरअसल अमेठी में राजफुलवारी में कांग्रेस की युवा शाखा के कार्यकर्ता सोनू सिंह ने राहुल गांधी से पूछा ‘‘अगर आप उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना चाहते हैं तो प्रियंका को आगे क्यों नहीं लाते?’’

Sunday, February 20, 2011

राहुल गांधी के डिंपल पर कुर्बान लोकतंत्र


  •  
  • मैंने पूछा, ‘आपको राहुल गांधी अच्छे लगते हैं?’ उसने कहा, ‘बेशक।’ मैंने पूछा, ‘राहुल गांधी की कौन सी बात आपको अच्छी लगती है?’ उसने कहा, ‘राहुल का डिंपल! वह जब मुस्कुराता है तो उसका डिंपल बहुत अच्छा लगता है, मैं उसी की कायल हूं। बाकी नेता (उसने कुछ क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं के नाम लिए) तो जानवरों की तरह लगते हैं, पता नहीं क्यों लोग उन्हें वोट देते हैं!’ मैं चुप हो गया। जैसे एक झटके में मुझे परमज्ञान मिल गया। मेरे ज्ञान चक्षु खुल गए। समझ आ गया कि हिंदुस्तान में महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी मुद्दे क्यों नहीं बन रहे हैं। उस दिन मुझे मेरे सारे सवालों के जवाब मिल गए। मैंने मन ही मन कहा, यह डिंपल डिमोक्रेसी तुम्हें मुबारक मेरे देश!
  • -

Saturday, February 19, 2011

राहुल से तो उम्मीद नही लेकिन माया को भी न जाने क्या हो गया

हाशिये के लोगों को कानून के जरिये आत्मनिर्भर नहीं बना सकते उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न की घटनाएं चर्चा का विषय हैं। बहन मायावती के मुख्यमंत्री काल में इन घटनाओं का होना ज्यादा चिंताजनक है। राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर दलित समस्या का समाधान हो जाएगा। सपा और भाजपा भी दलित समुदाय की बेहतरी के लिए अपनी-अपनी पार्टी का सत्ता में आना जरूरी बता रहे हैं। पर जनता क्या करे? इनमें से कौन-सी पार्टी है, जिसका शासन दलितों ने नहीं देखा?

Friday, February 18, 2011

मैं भी लाचार हूँ…..क्या प्रधानमंत्री बन सकता हूँ?

munish

कल प्रधानमन्त्री जी का व्यक्तव्य सुना तो दिल बाग़ बाग़ हो गया. सुनकर ख़ुशी के आंसू बहने लगे. प्रधानमंत्रीजी के कथन से सुनकर लगा देश वाकई तरक्की कर रहा है. बताइये एक “लाचार” और “मजबूर आदमी” देश का प्रधानमन्त्री बन गया है तो मेरे अन्दर भी उत्साह की तरंगें हिलोरें मारने लगीं . एक उम्मीद बंधी की बेटा मुनीष अब तुम्हारा भी नंबर लग सकता है प्रधानमंत्री बनने का. मैं भी बहुत मजबूर और लाचार आदमी हूँ , और सच तो ये है की मेरी लाचारियत प्रधानमंत्रीजी से मिलती भी है. वो गठबंधन के आगे मजबूर हैं, मैं भी संबंधों को निभाने के लिए मजबूर हूँ. वो भी एक महिला के आगे नतमस्तक हैं मैं भी एक महिला के आगे नतमस्तक हूँ. उनकी सरकार में उन्ही की नहीं चलती मेरे घर में भी मेरी ही नहीं चलती. उनसे देश की व्यवस्था नहीं संभल रही है और मुझसे मेरे घर की व्यवस्था नहीं चलती. आप माने या न माने में भी प्रधानमन्त्री बनने लायक हूँ.

ब्राह्मणों को राहुल गाँधी से न्याय की उम्मीद

यमुनानगर
दैनिक ट्रिब्यून

आल इंडिया कांगे्रस कमेटी के सदस्य व आर्थिक आधार पर ब्राह्मणों को आरक्षण देने के मामले पर बनी कमेटी के संरक्षक उमेश शर्मा का कहना है कि ब्राह्मणों को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए क्योंकि ब्राह्मणों की सदा ही हर क्षेत्र में उपेक्षा हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिला हरियाणा में ही पड़ता है, इसलिए हरियाणा के मुख्यमंत्री को चाहिए कि रोहतक की तरह यहां का भी विकास करवाएं। शर्मा यहां कांग्रेसी नेता एनके शर्मा के दो पुत्रों की मौत पर दु:ख व्यक्त करने एवं भगवान परशुराम का मन्दिर बिलासपुर में तैयार करवाने मे मुख्य भूमिका अदा करने वाले कैप्टन वासुदेव रतन शर्मा का हालचाल पूछने आए थे।

राहुल के करिश्मे के भरोसे बैठे हैं कार्यकर्ता

युवा कांग्रेस की बागडोर जब राहुल गांधी  के हाथ में आई, तब सियासी हलकों में ऐसा माना गया कि कांग्रेस की चाल कुछ और होगी। राजनीति को युवा बनाने और बुजुर्गवार प्रथा को विराम देकर किसी नए दिशा-निर्देश के सपने देखे जाने लगे। लेकिन युवक कांग्रेस की कार्यप्रणाली को लेकर अब उसकी मातृ संस्था अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सवाल उठने लगे हैं। चूंकि युवा कांग्रेस की कमान स्वयं राहुल गांधी संभाल रहे हैं, इसलिए कार्यप्रणाली के विरोध में कोई खुल कर तो नहीं बोल सकता, लेकिन दबी जुबान सभी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

Tuesday, February 15, 2011

फोटोग्राफरों ने किया राहुल की यात्रा का बहिष्कार


शिलांग। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों के दुर्व्यवहार के विरोध में फोटो पत्रकारों ने उनके आयोजित कार्यक्रम का बहिष्कार किया।

क्या कांग्रेस मनमोहन सिंह से पीछा छुड़ाने का बहाना तलाश रही है?

आनंद प्रधान
 teesraraasta.blogspot.com
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्ववाले राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एन.ए.सी) और कांग्रेस की अगुवाई वाली यू.पी.ए सरकार के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है. पिछले डेढ़ महीने में खाद्य सुरक्षा कानून के मसौदे और सूचना के अधिकार में संशोधन से लेकर कई और महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर दोनों के बीच का टकराव सार्वजनिक रूप से खुलकर सामने आ गया है.

Monday, February 14, 2011

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राहुल गांधी को मुख्य साजिशकर्ता माना

लखनऊ
upwebnews.com
झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिशों के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सीधे तौर पर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को मुख्य साजिशकर्ता माना है। संघ का मानना है कि षडयन्त्र के पीछे सोची समझी साजिश है। संघ को फंसाने के लिए पहले पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई बाद में कहानी को सामने लाया गया। यह बात आज संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राममाधव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। श्री माधव आज यहां जियामऊ स्थित विश्व संवाद केन्द्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

बस इतना ही कहती हूं ' गेट वेल सून' राहुल गांधी

Dr. Rajendra Gupta
मुन्नी को तो आप जानते ही होंगे जो सलमान की खातिर बदनाम हो गई। उसी मुन्नी की एक बहन है चुन्नी जो अपनी बहन की ही तरह बदनाम होना चाहती है। लेकिन किसी एक के लिए नहीं , बल्कि कइयों के लिए। दरअसल चुन्नी को आजकल कई सारे लोगों से प्यार हो गया है। वह कभी किसी के बारे में सोचती है तो कभी किसी के बारे में ... अब फितूर चढ़ा है आज वैलंटाइंस डे पर तो वह अपने दिल की बात उन तक पहुंचा ही देगी।

Monday, January 31, 2011

संजय दत्त राहुल गांधी के अंकल तो नहीं

नवभारत टाइमस ने अपने पोर्टल में फोटो धमाल पेज पर यह मसौदा छपा है कि:
मोतीलाल नेहरू के बारे में अफवाह थी कि इलाहाबाद की फेमस तवायफ दलीपाबाई से उनके संबंध थे। यह भी कहा जाता है कि दोनों की एक बेटी हुई ज़द्दनबाई, जो नरगिस की मां थीं। खैर...बीते लम्हों को देखें तो इस तरह से संजय दत्त राहुल और प्रियंका गांधी के दूर के अंकल हो सकते हैं।

राहुल गांधी के पास ऐसी क्या योग्यता है जिसके बल पर वह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के पद पर आसीन हैं

राहुल गांधी आज जिस पद पर बैठे हैं, उसे हासिल करने के लिए उन्होंने क्या- क्या  किया

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने हाल ही में एक "महत्वपूर्ण" बयान दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस में काम करने के लिए पारिवारिक पृष्ठभूमि अब मायने नहीं रखेगी। संगठन के विभिन्न पदों के लिए व्यक्तित्व और क्षमताओं के आधार पर चुनाव होगा। कांग्रेस में भाई-भतीजावाद के लिए भी कोई स्थान नहीं है। जो कार्यकर्ता संगठन के लिए काम करेगा उसे ही पार्टी में उचित पद दिया जाएगा।

काले धन पर राहुल का बयान को गडकरी ने मजाक बताया


चेन्नई/ Pressnote.in

काले धन पर कांगे्रस महासचिव राहुल गांधी के बयान को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि विदेश में जमा भारतीयों के काले धन को वापस देश लाने के मुद्दे पर कांगे्रस विरोधाभासी स्थिति में है। राहुल ने औरंगाबाद में शनिवार को कहा था कि विदेशी बैंकों में जमा काला धन आम भारतीयों का है और इसे वापस लाकर जनकल्याण कार्यो में खर्च किया जाना चाहिए। यहां मीडिया से बातचीत में गडकरी ने कहा कांगे्रस एक तरफ उन लोगों के नाम उजागर नहीं कर रही, जिनका काला धन विदेश में है। जबकि राहुल गांधी उनका पर्दाफाश करने और धन को वापस लाने की बात कर रहे हैं। यह वाकई मजाक है।

Saturday, January 29, 2011

राहुल गांधी एक चतुर और पेशेवर राजनीतिज्ञ की तरह अब बयान बाजी करने लगे हैं


Prabhakar Singh
JOURNALIST Delhi : India

हालिया राहुल गांधी का बयान कि ‘राजनीतिक ढांचे में घुन लग गया है और हमें इसे बदलना होगा एसा प्रतीत होता है कि गंदगी के महासागर में खड़े होकर और उसको साफ़ करने की बातबात कर रहे हैं राहुल ... राहुल गांधी एक चतुर और पेशेवर राजनीतिज्ञ की तरह अब बयान बाजी करने लगे हैं..जिस राजनैतिक व्यवस्था को बदलने की बात राहुल गांधी कर रहे है वास्तव में सबसे ज्यादा उनके पार्टी के लोगों ने राजनीति को काफी गंदा कर रखा है.

युवा ही खत्म करते सकते हैं भ्रष्टाचार: राहुल गांधी

  • औरंगाबाद
  • इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
  • कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि राजनीतिक दलों में लोकतंत्र का अभाव है, जिसके कारण भ्रष्टाचार जैसी बुराइयां पैदा हुई हैं। इसलिए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है और इसके लिए राजनीति में युवाओं की सहभागिता बढ़ानी होगी।

हमें परिवार तंत्र की राजनीति की तस्वीर बदलनी होगी : राहुल गांधी

महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में राहुल गांधी ने कहा, "हमें यह (परिवार तंत्र की राजनीति की) तस्वीर बदलनी होगी. इसलिए सांगठनिक चुनाव कराए जा रहे हैं." राहुल गांधी का कहना है कि इस प्रक्रिया में कोई वंशवादी राजनीति नहीं होगी.