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Tuesday, March 8, 2011

राहुल गांधी के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका पर 50 लाख का जुर्माना

लखनऊ
publicmirror.in
पूर्व विधायक किशोर समरीते पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 50 लाख का जुर्माना लगाया है। इस बाबत इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दाखिल करने वाले मध्य प्रदेश के सपा के पूर्व विधायक किशोर समरीते पर ऊक्त जुर्माना लगाया है। लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व डॉ सतीशचंद्र ने इस मामले की सुनवाई करते हुए किशोर समरीते व गजेन्द्रपाल सिंह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। 
हाईकोर्ट ने जुर्माना के अलावा प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा, जुर्माने की राशि में से 5 लाख रुपए उप्र के डीजीपी को, 20 लाख रुपए हर्जाने के तौर पर राहुल गांधी को और 25 लाख रुपए परिवार को दिए जाएंगे। सोमवार को उप्र के डीजीपी ने उस परिवार को कोर्ट में पेश किया, जिसके गायब होने के आरोप में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी। परिवार के सदस्यों ने पूरे मामले को झूठा बताते हुए कोर्ट में बयान दिया कि उसने किसी को भी याचिका दायर करने के लिए अधिकृत नहीं किया था।

बालाघाट के पूर्व विधायक किशोर समरीते ने 26 फरवरी को कांग्रेस महासचिव व अमेठी सांसद राहुल गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर की थी। समरीते का आरोप था कि राहुल गांधी से मिलने के बाद अमेठी का एक परिवार काफी समय से लापता है। उन्हे इस मामले की जानकारी नयी दिल्ली में भाकपा की एक महिला सांसद के माध्यम से मिली थी। उन्होंने कहा कि वे परिवार को न्याय दिलाना चाहते है। इसीलिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। इसके बाद गजेंद्रपाल सिंह ने भी इसी प्रकरण से जुड़ी एक याचिका दायर की।