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Rahul Gandhi/ कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी |
Saturday, July 2, 2011
‘मायाराज’ में न्याय की उम्मीद करना बेकार: राहुल गांधी
6:01 AM
shailendra gupta
लखीमपुरखीरी। उत्तर प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा हमला करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि 'मायाराज' में किसी को न्याय की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। श्री गांधी लखनऊ से सड़क मार्ग से खीरी जिले के निघासन पहुंचे। वहां उन्होंने गत 10 जून को थाना परिसर में मारी गई 14 वर्षीय सोनम के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने सोनम के परिजनों को आश्वासन दिया कि जो भी संभव होगा, वे उनके लिए करेंगे। परिजनों की घटना की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग पर उन्होंने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
श्री गांधी ने घटनास्थल का निरीक्षण लिया और पुलिस थाने भी गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रिपोर्ट की प्रति सोनम के माता पिता को न दी गई तो वह वहीं धरने पर बैठ जाएंगे। इस पर थाने के कर्मचारियों ने सोनम की मां को तुरन्त रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई।
इस मामले में बसपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस महासचिव को जवाब देना चाहिए कि हरियाणा में कुछ दिन पहले थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा एक दलित लड़की के साथ बलात्कार के बावजूद वे वहां थाने का निरीक्षण करने और पीड़िता के प्रति हमदर्दी जताने क्यों नही गए। उनका यह आचरण साबित करता है कि उनकी नीयत केवल राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की है। उत्तर प्रदेश में जब तक चुनावी माहौल है वह दिखाई देंगे, उसके बाद ढूढ़े नही मिलेंगे।
प्रवक्ता ने कहा कि भट्टा परसौल के मामले में भी श्री गांधी ने वहां के कुछ भोले-भाले किसानों को बहला-फुसलाकर उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री से करा दी। इसके बाद नैतिकता को दरकिनार करते हुए कांग्रेस के युवराज ने मीडिया में यह बयान दे दिया कि वहां बड़े पैमाने पर लोगों की हत्या और महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने जब भट्टा परसौल पहुंचकर श्री गांधी के आरोपों की मौके पर जांच की तो उसमें उनके दावे झूठे साबित हुए।
प्रवक्ता ने कहा कि आयोग के जांच दल ने निघासन पहुंचकर इस आरोप की सच्चाई के सम्बंध में जब बारीकी से छानबीन की तो यह बात साबित हो गई कि मृतक बच्ची के साथ बलात्कार नहीं हुआ था।
प्रवक्ता ने सवाल किया कि आयोग द्वारा उनके दावे झुठलाने के बाद क्या निघासन की यात्रा उन्हें करनी चाहिए थी।